India
कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता
भारत में प्रतिवर्ष लाखों युवा स्नातक होकर निकलते हैं, किंतु उद्योग जगत के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल के अभाव में वे रोजगार के अयोग्य सिद्ध हो रहे हैं। यह आलेख डिग्री-केंद्रित मानसिकता, पारंपरिक पाठ्यक्रम और चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में कौशल विकास की चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
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