कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता
India

कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता

भारत में प्रतिवर्ष लाखों युवा स्नातक होकर निकलते हैं, किंतु उद्योग जगत के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल के अभाव में वे रोजगार के अयोग्य सिद्ध हो रहे हैं। यह आलेख डिग्री-केंद्रित मानसिकता, पारंपरिक पाठ्यक्रम और चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में कौशल विकास की चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

Read Story
ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रूपांतरण: बैंक, चुनौतियाँ और भविष्य की राह
Economy

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रूपांतरण: बैंक, चुनौतियाँ और भविष्य की राह

बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज अशोक कुमार चौधरी प्रियदर्शी के 37 वर्षों के अनुभवों के आलोक में यह विशेष विश्लेषण ग्रामीण भारत की बदलती आर्थिक संरचना, संस्थागत साख, डिजिटल क्रांति और भविष्य की चुनौतियों का गहन मूल्यांकन करता है।

Read Story
गुरु पूर्णिमा 2026: कर्मकांडी अनुष्ठानों से परे आत्मिक रूपांतरण और वैश्विक चेतना की साधना
Opinion

गुरु पूर्णिमा 2026: कर्मकांडी अनुष्ठानों से परे आत्मिक रूपांतरण और वैश्विक चेतना की साधना

आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी के विचारों के आलोक में गुरु पूर्णिमा केवल एक परंपरा या बाह्य अनुष्ठान नहीं, बल्कि आंतरिक जागरण का पर्व है। 21वीं सदी के उत्तरार्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी विस्थापन के दौर में गुरु-शिष्य परंपरा भारत की बौद्धिक व आध्यात्मिक संप्रभुता का मुख्य आधार बनकर उभर रही है।

Read Story
जायसवाल महासभा: एकता का संकल्प, पुनर्गठन से भविष्य तक
Opinion

जायसवाल महासभा: एकता का संकल्प, पुनर्गठन से भविष्य तक

अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा की स्थापना, पुनर्गठन और संगठनात्मक यात्रा का गहन विश्लेषण। यह लेख समाज की एकता, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डालता है, जिसमें कल्चुरी वंशज समाज के लिए एक सशक्त मंच की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

Read Story
कल्चुरी वंशज: भारत की अविस्मरणीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक: आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी
Opinion

कल्चुरी वंशज: भारत की अविस्मरणीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक: आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी

भारत के मध्यकालीन इतिहास में कल्चुरी वंश का योगदान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने को गढ़ने वाला रहा है। यह लेख उनके कला, साहित्य और धार्मिक सहिष्णुता के प्रति समर्पण को उजागर करता है, जो आज भी भारतीय पहचान का अभिन्न अंग है।

Read Story
महिला आरक्षण: विपक्ष का अवरोध, बिहार की बेटियां देख रहीं
India

महिला आरक्षण: विपक्ष का अवरोध, बिहार की बेटियां देख रहीं

बिहार ने महिला आरक्षण को बीस साल पहले संस्थागत वास्तविकता बना दिया। 2025 के चुनाव में 71.78 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया। फिर भी 17 अप्रैल 2026 को 230 सांसदों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के त्वरित क्रियान्वयन के विरुद्ध मतदान किया

Read Story
Atal Bihari Vajpayee — archival photograph 1
Atal Bihari Vajpayee — archival photograph 2
Atal Bihari Vajpayee — archival photograph 3
LoktantraVani
Originals

Episode 01 · English

Statesman’s Pen

Words that shape a nation

Listen · Reflect · Share

A short reflection on restraint, responsibility, and the enduring force of the written word in public life.

0:000:30
View series →

India

कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता

भारत में प्रतिवर्ष लाखों युवा स्नातक होकर निकलते हैं, किंतु उद्योग जगत के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल के अभाव में वे रोजगार के अयोग्य सिद्ध हो रहे हैं। यह आलेख डिग्री-केंद्रित मानसिकता, पारंपरिक पाठ्यक्रम और चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में कौशल विकास की चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

Ashok Kumar Choudhary·20d ago·10 min read
कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता
कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता
ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रूपांतरण: बैंक, चुनौतियाँ और भविष्य की राह

Economy

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रूपांतरण: बैंक, चुनौतियाँ और भविष्य की राह

बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज अशोक कुमार चौधरी प्रियदर्शी के 37 वर्षों के अनुभवों के आलोक में यह विशेष विश्लेषण ग्रामीण भारत की बदलती आर्थिक संरचना, संस्थागत साख, डिजिटल क्रांति और भविष्य की चुनौतियों का गहन मूल्यांकन करता है।

Ashok Kumar Choudhary · 45d ago

Opinion

गुरु पूर्णिमा 2026: कर्मकांडी अनुष्ठानों से परे आत्मिक रूपांतरण और वैश्विक चेतना की साधना

आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी के विचारों के आलोक में गुरु पूर्णिमा केवल एक परंपरा या बाह्य अनुष्ठान नहीं, बल्कि आंतरिक जागरण का पर्व है। 21वीं सदी के उत्तरार्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी विस्थापन के दौर में गुरु-शिष्य परंपरा भारत की बौद्धिक व आध्यात्मिक संप्रभुता का मुख्य आधार बनकर उभर रही है।

Ashok Kumar Choudhary · 57d ago

Opinion

जायसवाल महासभा: एकता का संकल्प, पुनर्गठन से भविष्य तक

अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा की स्थापना, पुनर्गठन और संगठनात्मक यात्रा का गहन विश्लेषण। यह लेख समाज की एकता, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डालता है, जिसमें कल्चुरी वंशज समाज के लिए एक सशक्त मंच की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

आचार्य Ashok Kumar Choudhary · 77d ago

Latest News

All

Politics

More
बिहार: सुशासन की नींव पर समृद्धि का नया अध्याय

बिहार: सुशासन की नींव पर समृद्धि का नया अध्याय

बिहार में एनडीए सरकार सुशासन के पथ पर अग्रसर है, जिसका लक्ष्य विश्वास, सहयोग और विकास के माध्यम से राज्य को समृद्धि की ओर ले जाना है। यह लेख इस दिशा में उठाए गए कदमों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करता है।

· 161d ago

भाजपा: विकास, गठबंधन और वैश्विक नेतृत्व का नया अध्याय

भाजपा: विकास, गठबंधन और वैश्विक नेतृत्व का नया अध्याय

भारतीय जनता पार्टी, दीपक की ज्योति और कमल की कोमलता के साथ, भारत के विकास पथ पर अग्रसर है। अटल जी के गठबंधन मंत्र को मोदी जी ने सिद्ध किया और पार्टी को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर किया है। यह लेख भाजपा की विकास यात्रा, गठबंधन की राजनीति और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका पर प्रकाश डालता है।

· 172d ago

भारत का राजनीतिक परिदृश्य बदलता है जब गठबंधन की गतिशीलता शासन को नया रूप देती है

भारत का राजनीतिक परिदृश्य बदलता है जब गठबंधन की गतिशीलता शासन को नया रूप देती है

भारत का राजनीतिक तंत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है जब दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र जटिल गठबंधन की गतिशीलता, संघ-राज्य संबंधों और संस्थागत सुधारों के माध्यम से उपमहाद्वीप में शासन संरचनाओं को नया आकार दे रहा है।

· 183d ago

मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में दिया भाषण, आपातकालीन समूहों का गठन

मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में दिया भाषण, आपातकालीन समूहों का गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी पश्चिम एशिया संघर्ष पर राज्यसभा को संबोधित करते हुए भारत की रणनीतिक नीति पर प्रकाश डाला और संकट से निपटने के लिए सात सशक्त समूहों का गठन किया।

· 183d ago

India

More
कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता

कागजी उपाधियों का अंबार और हुनर का अकाल: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार की अनिवार्यता

भारत में प्रतिवर्ष लाखों युवा स्नातक होकर निकलते हैं, किंतु उद्योग जगत के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल के अभाव में वे रोजगार के अयोग्य सिद्ध हो रहे हैं। यह आलेख डिग्री-केंद्रित मानसिकता, पारंपरिक पाठ्यक्रम और चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में कौशल विकास की चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

· 20d ago

महिला आरक्षण: विपक्ष का अवरोध, बिहार की बेटियां देख रहीं

महिला आरक्षण: विपक्ष का अवरोध, बिहार की बेटियां देख रहीं

बिहार ने महिला आरक्षण को बीस साल पहले संस्थागत वास्तविकता बना दिया। 2025 के चुनाव में 71.78 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया। फिर भी 17 अप्रैल 2026 को 230 सांसदों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के त्वरित क्रियान्वयन के विरुद्ध मतदान किया

· 154d ago

सम्राट चौधरी: बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री का उदय

सम्राट चौधरी: बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री का उदय

अप्रैल 2026 में, बिहार ने एक ऐतिहासिक क्षण देखा जब सम्राट चौधरी ने राज्य के पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, जो दशकों से क्षेत्रीय दलों के प्रभुत्व वाले परिदृश्य को चुनौती देता है।

· 163d ago

सतुआनी: लोकजीवन, प्रकृति और स्वास्थ्य का त्रिवेणी संगम

सतुआनी: लोकजीवन, प्रकृति और स्वास्थ्य का त्रिवेणी संगम

सतुआनी पर्व, जो बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में धूमधाम से मनाया जाता है, केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि लोकजीवन, प्रकृति और स्वास्थ्य का अनूठा संगम है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और सादगीपूर्ण जीवन का महत्व बताता है।

· 163d ago

अंबेडकर जयंती: भाजपा का संकल्प – बाबासाहेब के सपनों का भारत

अंबेडकर जयंती: भाजपा का संकल्प – बाबासाहेब के सपनों का भारत

आज भारत डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मना रहा है। भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में, बाबासाहेब के समानता और सशक्तिकरण के स्वप्नों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार में भी एनडीए सरकार अंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ा रही है।

· 164d ago

दीपक से कमल: जनसंघ से भाजपा तक की विकास यात्रा

दीपक से कमल: जनसंघ से भाजपा तक की विकास यात्रा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का उदय जनसंघ की विचारधारा से हुआ। यह लेख जनसंघ की स्थापना से लेकर भाजपा के वर्तमान स्वरूप तक की यात्रा का विश्लेषण करता है, जिसमें विचारधारा, राजनीतिक रणनीतियों और भारत पर इसके प्रभाव को दर्शाया गया है।

· 172d ago

ग्रामीण बैंक कर्मियों का स्वर्णिम संघर्ष: समानता से सशक्तिकरण तक

ग्रामीण बैंक कर्मियों का स्वर्णिम संघर्ष: समानता से सशक्तिकरण तक

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों के समान अधिकार के लिए दशकों का संघर्ष, भारतीय मजदूर संघ से जुड़े संगठनों के नेतृत्व में, एक प्रेरणादायक गाथा है। वेतन समानता और पेंशन की उपलब्धि, संगठनात्मक शक्ति और अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

· 173d ago

अंगुली छाप: लोकतंत्र की रक्षा का अचूक अस्त्र

अंगुली छाप: लोकतंत्र की रक्षा का अचूक अस्त्र

भारत के लोकतंत्र में फर्जी मतदान और बूथ कब्जा जैसी अनियमितताएं एक गंभीर चुनौती हैं। अंगुली छाप की अनिवार्यता इन समस्याओं को नियंत्रित करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह तकनीक न केवल फर्जी मतदान को रोकेगी बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ाएगी।

· 173d ago